उत्तर प्रदेश में बसों को लेकर विवाद पर मायावती ने कांग्रेस को दी नसीहत, यह दिया सुझाव

कोरोनावायरस (Coronavirus) खतरे की वजह से बने हालात के चलते लगातार पलायन कर रहे मजदूरों के लिए बसों की व्यवस्था करने के मुद्दे पर योगी सरकार और कांग्रेस आमने सामने आ गए हैं. दोनों के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप और चिट्ठियां लिखे जाने का दौर कल जारी रहा.

नई दिल्ली: कोरोनावायरस (Coronavirus) खतरे की वजह से बने हालात के चलते लगातार पलायन कर रहे मजदूरों के लिए बसों की व्यवस्था करने के मुद्दे पर योगी सरकार और कांग्रेस आमने सामने आ गए हैं. दोनों के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप और चिट्ठियां लिखे जाने का दौर कल जारी रहा. इस बीच, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीएसपी सुप्रिमो मायावती ने बीजेपी और कांग्रेस पर घिनौनी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस को चार सुझाव दिए हैं. मायावती ने ट्विटर के जरिये कांग्रेस पार्टी को दिए अपने सुझाव में कहा कि श्रमिक को बसों से ही घर भेजने में मदद करने पर अड़ने की बजाए, इनका टिकट लेकर ट्रेनों से ही इन्हें इनके घर भेजने में इनकी मदद करनी चाहिये.
मायावती ने एक के बाद एक चार ट्वीट करके बीजेपी और कांग्रेस पर हमला करने के साथ कांग्रेस को सुझाव दिए.

1. पिछले कई दिनों से प्रवासी श्रमिकों को घर भेजने के नाम पर खासकर बीजेपी व कांग्रेस द्वारा जिस प्रकार से घिनौनी राजनीति की जा रही है यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण. कहीं ऐसा तो नहीं ये पार्टियां आपसी मिलीभगत से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करके त्रास्दी पर से ध्यान बांट रही हैं?
2. यदि ऐसा नहीं है तो बी.एस.पी. का कहना है कि कांग्रेस को श्रमिक प्रवासियों को बसों से ही घर भेजने में मदद करने पर अड़ने की बजाए, इनका टिकट लेकर ट्रेनों से ही इन्हें इनके घर भेजने में इनकी मदद करनी चाहिये तो यह ज्यादा उचित व सही होगा.
3. जबकि इन्हीं सब बातों को खास ध्यान में रखकर ही बीएसपी के लोगों ने अपने सामर्थ्य के हिसाब से प्रचार व प्रसार के चक्कर में ना पड़कर पूरे देश में इनकी हर स्तर पर काफी मदद की है अर्थात् बीजेपी व कांग्रेस पार्टी की तरह इनकी मदद की आड़ में कोई घिनौनी राजनीति नहीं की है.
4. साथ ही, बीएसपी की कांग्रेस पार्टी को यह भी सलाह है कि यदि कांग्रेस को श्रमिक प्रवासियों को बसों से ही उनके घर वापसी में मदद करनी है अर्थात ट्रेनों से नहीं करनी है तो फिर इनको अपनी ये सभी बसें कांग्रेस-शासित राज्यों में श्रमिकों की मदद में लगा देनी चाहिये तो यह बेहतर होगा.

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